पोर्टल पर दिव्यांग बच्चों की डाटा इंट्री धीमी

पोर्टल पर दिव्यांग बच्चों की डाटा इंट्री धीमी

सीतामढ़ी जिले के विधालयों में  कक्षा एक से 12वीं तक नामांकित दिव्यांग बच्चों का डाटा पीएमएस पोर्टल पर अपलोड करने में हो रही बहुत देरी। यह खुलासा शुक्रवार को डुमरा बीआरसी पर बिहार शिक्षा परियोजना के समावेशी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित बीआरपी, संसाधन शिक्षकों की समीक्षा बैठक में हुई। जिला समावेशी शिक्षा समन्वयक श्रीनारायण सिंह ने प्रखंडवार पीएमएस पोर्टल पर डाटा इंट्री कार्य की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि जिले में निर्धारित लक्ष्य समूह के 5211 दिव्यांग बच्चों में से अब तक 1805 बच्चों का डाटा पीएमएस पोर्टल पर नहीं हो पाया है। इसके लिए अंतिम रुप से 25 जनवरी तक डाटा इंट्री कर लेने की चेतावनी बीआरपी, आरटी को दी गई है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले के 17 प्रखंडों में सुप्पी प्रखंड में जहां अब तक डाटा इंट्री का काम नहीं शुरू हो पाया है। वहीं 16 प्रखंडों में शुरू डाटा इंट्री कार्य में चोरौत, बाजपट्टी, नानपुर व रुन्नीसैदपुर में इंट्री कार्य की गति धीमी है। इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा जिले से बिहार बोर्ड की मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग बच्चों की संख्या व पूर्ण दृष्टि दिव्यांग बच्चों को मिलने वाले वाचक भत्ता आदि की समीक्षा की गई। इसमें कई प्रखंडों द्वारा रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने पर सभांग प्रभारी द्वारा नाराजगी जताकर अविलंब रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। समावेशी शिक्षा समन्वयक ने बताया कि सुरसंड, सोनबरसा, बथनाहा, बोखड़ा व बेलसंड प्रखंड को छोड़ शेष किसी भी प्रखंडों द्वारा 10वीं व 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग बच्चों का रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराया गया। जबकि एसएसए डीपीओ द्वारा पूर्व में ही समावेशी शिक्षा के सभी बीआरपी, आरटी को समीक्षा बैठक में रिपोर्ट लाने का निर्देश दिया गया था। बैठक में आरटी शैलेन्द्र कुमार, अशोक मिश्रा, प्रभाकर चौधरी, अविनाश कुमार, अवधेश त्रिपाठी, सोनाली कुमारी, अलका ब्रहमभट, गायत्री कुमारी के पुनर्वास विशेषज्ञ मनोज कुमार आदि थे।​