नीतीश कुमार ने दिया लालू यादव का साथ, 'मोदी सरकार जातीय जनगणना कराए'

बिहार की राजनीति में लालू यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच असहमति का फासला ज्यादा ही रहा है। चाहे वो रिजर्वेशन का मसला ही क्यों न हो। लेकिन एक मुद्दा ऐसा है जिस पर जेडीयू नेता नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के लालू यादव समान विचार रखते हैं।

आरक्षण पर जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता अजय आलोक ने ऐसा राग छेड़ा कि सीएम नीतीश कुमार को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने पटना में पत्रकारों से कहा कि आरक्षण का लाभ जिनको मिल रहा है उनके परिवार को ये लाभ मिलते रहना चाहिए। इसे रोकने का सवाल ही नहीं है। इससे पहले अजय आलोक ने ट्वीट कर कहा था कि परिवार में किसी एक सदस्य को आरक्षण का फायदा मिल जाए उसके बाद ये सिलसिला बंद होना चाहिए। हालांकि नीतीश कुमार ने जाति के आधार पर जनगणना की मांग एक बार फिर कर दी। उनके धुर विरोधी लालू यादव भी ये मांग करते आए हैं।

अजय आलोक का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने आरक्षण पर उनकी राय को खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा ...अब तो आर्थिक आधार पर भी आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है। मेरे हिसाब से ऐसा कुछ नहीं है कि आरक्षण का प्रावधान है उसमें कोई बदलाव होगा। हमारे यहां पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग को जननायक कर्पूरी ठाकुर के समय आरक्षण मिल रहा है। हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार से भी ये हो जाए। किसी को वंचित करने की बात नहीं होनी चाहिए।