लद्दाख में पीछे हट रही चीनी सेना तो भारत ने तैनात कर दीं और तोपें

भारत-चीन में नौ महीने से चले आ रहे तनाव में पिछले दिनों उस समय कमी आई, जब दोनों पक्ष पैंगोंग सो के दोनों किनारों से सैनिकों को वापस बुलाने पर सहमत हुए। दोनों देशों के सैनिक अपनी तोपों समेत पीछे हटने लगे हैं और इलाका खाली होने लगा है। इन सबके बीच भारत ने फिर से तोपों की तैनाती शुरू कर दी है। इंडियन आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने पिछले दिनों 100 के-9 वज्र तोपों का ऑर्डर दिया था, जिसमें से तीन को लद्दाख में ट्रायल के लिए तैनात कर दिया गया है। पूर्वी लद्दाख में इन तोपों को उस समय भेजा गया है, जब दोनों देशों के बीच संबंध एक बार फिर से कुछ हद तक ठीक होते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, अभी भी कई जगह से डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया होनी बाकी है, जिस पर आने वाले समय में बात होगी। सरकार के टॉप सूत्रों ने बताया कि लेह में कल (बुधवार) तीन तोपों को भेजा गया, जिसके बाद उन्हें हाई एल्टीट्यूड बेस पर टेस्टिंग के लिए तैनात कर दिया गया। सेना इन तोपों की टेस्टिंग से यह देखेगी कि क्या इनका इस्तेमाल हाई एल्टीट्यूड वाले इलाकों में जरूरत लगने पर दुश्मनों के खिलाफ किया जा सकता है या नहीं। सूत्रों ने कहा कि इनके प्रदर्शन के आधार पर, भारतीय सेना पहाड़ी इलाकों के लिए स्व-चालित हॉवित्जर की दो से तीन अतिरिक्त रेजिमेंटों के लिए ऑर्डर देने पर विचार करेगी।

लद्दाख में पीछे हट रही चीनी सेना तो भारत ने तैनात कर दीं और तोपें