दरभंगा राज किला पर 59 साल बाद फहराया तिरंगा, खंडहर होते धरोहर को संजोने की दिखी ललक

देश के 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दरभंगा के लालकिले पर 59 साल के बाद तिरंगा झंडा फहराया गया था। दरभंगा राजघराने के वंशज कुमार कपिलेश्वर सिंह ने रामबाग स्थित किले पर ध्वजारोहण किया। देखरेख और रखरखाव के अभाव में खंडहर होती बुलंद इमारत पर दशकों बाद तिरंगा लहराते देख सैकड़ों की संख्या में मौजूद स्थानीय लोग खुश हुए। दरभंगा के किले के पुनरुद्धार और इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय छात्र संगठन MSU कई वर्षों से प्रयासरत है. संगठन की इस पहल के तहत ही आज यहां झंडारोहण किया गया। साल 2021 से पहले आखिरी बार इस राज किले पर राज परिवार की ओर से 1962 में ध्वजारोहण किया गया था। दरभंगा के पूर्व महाराजा ने राज किला पर तिरंगा फहराया था। गुंबद समेत इस किले की ऊंचाई 84 फीट है. इसका निर्माण 1940 के दशक में शुरू हुआ था, लेकिन यह पूरा नहीं हो पाया। 1947 में देश को आजादी मिलने के कुछ साल बाद ही जमींदारी प्रथा का अंत हो गया और यह किला कभी पूरा नहीं हो सका। राजघराने के वंशज कुमार कपिलेश्वर सिंह ने ध्वजारोहण के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि 59 साल के बाद किले पर झंडा फहराते हुए देखना सुखद क्षण है। अब यह सिलसिला जारी रहेगा। साथ ही किले का जीर्णोद्धार कर इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।

दरभंगा राज किला पर 59 साल बाद फहराया तिरंगा, खंडहर होते धरोहर को संजोने की दिखी ललक