बेगूसराय के दवा व्‍यवसायी की अनोखी पहल वक्‍त काटना हुआ मुश्किल तो छत पर बसाया सब्जियों का संसार

ihar Lockdown लॉकडाउन के दौरान बेगूसराय के एक दवा व्‍यवसायी ने छत पर सब्जियों की खेती शुरू कर दी। उनकी पहल अब दूसरों को प्रेरणा दे रही है।

बेगूसराय के दवा व्‍यवसायी की अनोखी पहल वक्‍त काटना हुआ मुश्किल तो छत पर बसाया सब्जियों का संसार

बेगूसराय: लॉकडाउन में लोगों का समय काटना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में अगर कोई घर बैठे-बैठे छेटी सी छत पर सब्जियों की खेती शुरू कर दे तो इसे आप क्‍या कहेंगे? भोजन में सब्जियां जरूरी हैं, लेकिन बाजार से लाने पर कोरोनावायरस से संक्रमित होने का डर लगा तो बेगूसराय के दवा व्यवसायी विनय कुमार और उनकी पत्नी सुनीता देवी ने छत पर ही सब्जियों का समृद्ध संसार बसा दिया। उनकी छत पर कद्दू, करेला, कदीमा, भिंडी आदि खूब मिलने लगे हैं। खास बात यह कि यह खेती विशुद्ध रुप से जैविक तरीके से की गई  है, जिसमें वर्मी कंपोस्ट, मिट्टी और जैविक उत्पाद का प्रयोग किया गया है।

लॉकडाउन मे आया आइडिया, शुरू कर दिया काम

बेगूसराय के छौड़ाही बाजार में दवा दुकान चलाने वाले विनय कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के कारण दुकान पर ग्राहक कम आने लगे। खाली समय काटना मुश्किल था। पत्नी सुनीता ने आईडिया दिया कि क्यों न घर की खाली छत पर फूल लगाकर समय व्यतीत किया जाए। यू-ट्यूब पर सर्च करने पर छत पर फूल के साथ सब्जी उत्पादन के भी वीडियो देखे। फिर फूल का विचार त्याग सब्जियों की खेती का मन बनाया। दो कमरे के मकान की छत पर ही 50 दिन पूर्व खेती शुरू की। अब खुद सब्जी खाने के साथ-साथ दो तीन घरों में सप्लाई भी कर देते हैं।

आप भी कर सकते खेती, घर भी रहेगा ठंडा

सुनीता बताती हैं कि छत पर सब्जियां लगाने से पहले छत पर एक मोटी प्लास्टिक चादर बिछा कर ईंट या लकड़ी के पटरियों से चारदीवारी बना ली। उसमें सामान्य रूप से मिट्टी बिछा पानी की निकासी का प्रबंध किया। और लोग भी ऐसा कर सकते हैं। छोटे-छोटे मिट्टी के गमलों में भी सब्जी उगा सकते हैं। सुनीता बताती हैं कि छत पर सब्जियां उगाने से गर्मी के दिनों में घर भी ठंडा रहता है।

वर्मी कंपोस्ट व हर्बल कीटनाशक का प्रयोग

सुनीता के अनुसार इस समय भिंडी, मिर्ची, लोबिया, टमाटर, करेला, लौकी आदि सब्जियों को उगाया जा सकता है। रबी के मौसम में फूल गोभी, पत्ता गोभी, शलजम, बैगन, मूली, गाजर, टमाटर, प्याज, लहसुन, पालक, मेथी आदि को लगाया जा सकता है। इस खेती में उर्वरक के रूप में वर्मी कंपोस्ट तो नीम का तेल हर्बल कीटनाशक के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

स्वास्थ्यवर्धक सब्जी, संक्रमण का भी खतरा नहीं

कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर रामकृपालू सिंह सुनीता देवी के छत पर खेती की सराहना कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि उनकी खेती का वीडियो अन्य किसानों को दिखा कर इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। छत पर सब्जी लगाने से स्वास्थ्यवर्धक, गुणवत्तापूर्ण व सस्ती सब्जी आदि की प्राप्ति होती है। संक्रमण का भी खतरा नहीं रहता है।